नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन में ‘स्वच्छता पखवाड़ा 2026’ के तहत चित्रकला एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित
झाकड़ी, 21 सितंबर। विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार तथा एसजेवीएन निगम मुख्यालय, शिमला के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन (एनजेएचपीएस) द्वारा ‘स्वच्छता पखवाड़ा 2026’ का आयोजन 17 सितंबर से 02 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है। इसी कड़ी में 21 सितंबर को परियोजना प्रमुख, एनजेएचपीएस ई० राजीव कपूर के मार्गदर्शन में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (GSSS), सनारसा में विद्यार्थियों के लिए चित्रकला एवं निबंध लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
प्रतियोगिता में विद्यालय के कुल 108 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। चित्रकला एवं निबंध लेखन के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के महत्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी रचनात्मकता और विचार व्यक्त करने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने अपनी कलाकृतियों और निबंधों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता तथा स्वच्छता को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर परियोजना प्रमुख ई० राजीव कपूर ने कहा कि विद्यार्थियों को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करना ऐसे आयोजनों का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में जागरूकता और रचनात्मक सोच विकसित करने के साथ-साथ समाज में स्वच्छता का सकारात्मक संदेश पहुंचाने में इस प्रकार की गतिविधियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान विजेता विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें भविष्य में भी इस प्रकार की रचनात्मक एवं जागरूकता संबंधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के अवसर पर एनजेएचपीएस की श्रीमती कौशल्या नेगी, उपमहाप्रबंधक (आर एंड आर/सीएसआर) तथा ई० जोगिंदर, सहायक प्रबंधक सहित विद्यालय के सभी अध्यापक उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए प्रतियोगिताओं में उनकी सक्रिय भागीदारी की सराहना की। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत चित्रों एवं निबंधों ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी जागरूकता, संवेदनशीलता एवं रचनात्मक सोच को प्रभावी रूप से प्रदर्शित किया।