शिमला नगर निगम की एफसीपीसी बैठक में बड़े फैसले, पेंशनर्स और ग्रुप-डी कर्मचारियों को मिलेगा 2 करोड़ रुपये का एरियर
शिमला -
शिमला नगर निगम की वित्त, अनुबंध एवं योजना समिति यानी एफसीपीसी की बैठक महापौर सुरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में शहर के विकास कार्यों के साथ-साथ नगर निगम कर्मचारियों और पेंशनर्स के लंबित भुगतान, पार्किंग व्यवस्था, सार्वजनिक सुविधाओं और आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।
बैठक में पेंशनर्स और ग्रुप-डी कर्मचारियों के लंबित एरियर के भुगतान के लिए करीब 2 करोड़ रुपये जारी करने का निर्णय लिया गया। लंबे समय से बकाया भुगतान का इंतजार कर रहे कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए यह फैसला बड़ी राहत लेकर आया है।
एफसीपीसी की बैठक में सराय भवन के निर्माण को लेकर भी चर्चा की गई। इसके अलावा मशोबरा में सार्वजनिक शौचालय बनाने का निर्णय लिया गया है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ मशोबरा पहुंचने वाले पर्यटकों और अन्य लोगों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
शिमला शहर की चार पार्किंग को लेकर भी समिति ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इन पार्किंग में 50 प्रतिशत स्थान स्थानीय लोगों के लिए निर्धारित किए जाएंगे। स्थानीय लोगों को यह सुविधा पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर उपलब्ध करवाने की बात कही गई है, जबकि शेष 50 प्रतिशत हिस्से के लिए निविदा प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
बैठक में शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या पर भी विस्तृत चर्चा हुई। टूटीकंडी में डॉग हट्स के निर्माण के लिए करीब 70 लाख रुपये खर्च करने का फैसला लिया गया है। इसका उद्देश्य आवारा कुत्तों के लिए सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था करना है।
इसके साथ ही नगर निगम की ओर से 3 अक्टूबर से आवारा कुत्तों के टीकाकरण और नसबंदी का विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। अभियान के तहत शहर में आवारा कुत्तों का टीकाकरण और नसबंदी की जाएगी। इससे उनकी संख्या नियंत्रित करने के साथ-साथ रेबीज जैसी बीमारियों से बचाव में भी मदद मिलेगी।
महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि एफसीपीसी की बैठक में शहर के विकास और नगर निगम कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम की प्राथमिकता शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ लंबित विकास कार्यों और अन्य मामलों को गति देना है।