कोटशेरा कॉलेज में तीन दिवसीय अंतर-महाविद्यालय युवा महोत्सव का भव्य समापन
वाग्मिता और कॉलाज मेकिंग में कोटशेरा कॉलेज ने हासिल किया प्रथम स्थान, वाद-विवाद में तृतीय स्थान; कुलपति प्रो. महावीर सिंह बोले—“कोटशेरा मेरा दूसरा घर है”
शिमला, सितंबर 2026: राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय, कोटशेरा, चौड़ा मैदान, शिमला में आयोजित हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के तीन दिवसीय अंतर-महाविद्यालय युवा महोत्सव (ग्रुप-1 रचनात्मकता) का शुक्रवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पुरस्कार वितरण समारोह के साथ भव्य समापन हुआ। 16 से 18 सितंबर तक आयोजित इस युवा महोत्सव में प्रदेश के लगभग 60 महाविद्यालयों से आए करीब 600 छात्र-छात्राओं ने 11 विभिन्न रचनात्मक एवं साहित्यिक प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
समापन समारोह में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर अतिरिक्त अधिवक्ता जनरल मोहिंदर जेरेक, राजकीय महाविद्यालय कुमारसैन के सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. नरेश वर्मा, भौतिकी के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. बृजेश चौहान, कोटशेरा कॉलेज के अधिष्ठाता छात्र कल्याण (डीएसडब्ल्यू) डॉ. राजेश चौहान, महाविद्यालय के शिक्षक एवं गैर-शिक्षक कर्मचारी तथा पीटीए सदस्य चंपा, उर्मिला तोमर, अंजू तोमर और मनीषा कुमारी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
समारोह में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गोपाल चौहान ने मुख्य अतिथि एवं सभी विशिष्ट अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने युवा महोत्सव को ऐतिहासिक एवं भव्य सफलता दिलाने के लिए पीटीए, महाविद्यालय के शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि युवा महोत्सव में भागीदारी के दौरान विद्यार्थियों को जो सीखने और अनुभव प्राप्त हुआ है, वह किसी प्रतियोगिता में जीत हासिल करने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
प्राचार्य ने आयोजन को सफल बनाने में दिन-रात जुटे एनसीसी, एनएसएस, रोवर्स एंड रेंजर्स तथा अन्य छात्र स्वयंसेवकों की भी सराहना की। उन्होंने विभिन्न महाविद्यालयों से आए दल प्रभारियों के सहयोग के लिए उनका आभार जताया। साथ ही सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड, इंडियन बैंक एमबीडी ग्रुप तथा Minchy's जूस कंपनी का भी सहयोग के लिए धन्यवाद किया।
“मैं वाइस चांसलर से पहले एक शोधकर्ता हूं”—प्रो. महावीर सिंह
मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा, “मैं एक वाइस चांसलर से पहले एक शोधकर्ता हूं।” उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों को विद्यार्थियों के साथ साझा करते हुए कहा कि उनके 33 वर्षों के शोध करियर में मिली असफलताएं उनकी सफलता का महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि असफलता अथवा हार व्यक्ति को रोकने वाली चीज नहीं है, बल्कि यह सीखने और आगे बढ़ने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि संघर्ष ही जीवन है।
प्राचार्य डॉ. गोपाल चौहान के साथ अपने आत्मीय संबंधों का उल्लेख करते हुए कुलपति ने भावुक अंदाज में कहा, “गोपाल जी मेरे दिल में बसते हैं।” कोटशेरा महाविद्यालय के साथ अपने जुड़ाव को व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि “कोटशेरा महाविद्यालय मेरे लिए दूसरे घर की तरह है, जहां आते ही एक अद्भुत सकारात्मक ऊर्जा का अहसास होता है।”
कुलपति ने नई पीढ़ी के विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत करने तथा एक-दूसरे से केवल प्रतिस्पर्धा करने के बजाय मिलकर कार्य करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के बीच समन्वय और सहयोग के माध्यम से नए शोध एवं विकास के रास्ते खोले जा सकते हैं। उन्होंने अपने भौतिकी विषय के साथ स्वास्थ्य, कानून, सामाजिक विज्ञान और संचार जैसे क्षेत्रों में किए गए समन्वित कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने शिमला की जल प्रबंधन प्रणाली पर किए गए अपने शोध कार्य की जानकारी भी साझा की।
प्रो. महावीर सिंह ने आंतरिक शक्ति के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय में पांच अनुसंधान केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि छठे अनुसंधान केंद्र को स्वीकृति मिल चुकी है।
कोटशेरा कॉलेज ने हासिल किए महत्वपूर्ण स्थान
आयोजन सचिव डॉ. राजीव शर्मा ने बताया कि तीन दिवसीय युवा महोत्सव में प्रदेश के लगभग 60 महाविद्यालयों के करीब 600 छात्र-छात्राओं ने 11 विभिन्न रचनात्मक एवं साहित्यिक प्रतियोगिताओं में भाग लिया। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और अभिव्यक्ति क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।
क्विज प्रतियोगिता के फाइनल राउंड में पांच टीमों ने हिस्सा लिया। इसमें राजकीय महाविद्यालय चंबा के हितेश कुमार, रोहित ठाकुर और राहुल देवल ने प्रथम, पीजी सेंटर शिमला के सुनील कुमार, ज़यार हुसैन और पायल ने द्वितीय तथा राजकीय महाविद्यालय शाहपुर के ईशा ठाकुर, नैतिक शर्मा और कार्तिक ने तृतीय स्थान हासिल किया।
वाग्मिता प्रतियोगिता में कोटशेरा कॉलेज की मिशल ने प्रथम स्थान प्राप्त कर महाविद्यालय का गौरव बढ़ाया। राजकीय महाविद्यालय ऊना की अनमोल शर्मा द्वितीय तथा एसवी राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं की नितिका तृतीय रहीं।
आशुभाषण अंग्रेजी में राजकीय डिग्री कॉलेज नोहराधार की निधि प्रथम, सेंट बेड्स कॉलेज के सृजन शर्मा द्वितीय और जवाहरलाल नेहरू राजकीय फाइन आर्ट्स कॉलेज, शिमला के सूर्यांश पुंडीर तृतीय रहे।
वाद-विवाद प्रतियोगिता में राजा वीरभद्र सिंह राजकीय महाविद्यालय सीमा रोहड़ू के नितिन और आंचल ने प्रथम, राजकीय महाविद्यालय सोलन के अजय और अंशिका ठाकुर ने द्वितीय तथा कोटशेरा कॉलेज के उमेश कुमार और मुकेश कुमार एवं जीसी धर्मशाला की अनाइता शर्मा और वृंदा ने तृतीय स्थान हासिल किया।
डिबेट प्रतियोगिता में पीजी सेंटर शिमला के स्वप्निल सूर्यान और अभिषेक प्रथम तथा जीडीसी नगरोटा बगवां, कांगड़ा की अर्किता और अर्पिता द्वितीय रहीं।
ऑन द स्पॉट पेंटिंग में राजकीय महाविद्यालय सोलन के विनीत कश्यप प्रथम, जवाहरलाल नेहरू राजकीय फाइन आर्ट्स कॉलेज, शिमला के हंस जोशी द्वितीय तथा पीजी सेंटर शिमला के केतन कुमार तृतीय रहे।
क्ले मॉडलिंग में पीजी सेंटर शिमला की प्रोमिला देवी प्रथम, राजकीय कन्या महाविद्यालय की प्रीत द्वितीय तथा अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय डिग्री कॉलेज सुन्नी के अक्षित कुमार तृतीय रहे।
कॉलाज मेकिंग में कोटशेरा कॉलेज के तनुज ने प्रथम स्थान हासिल किया। जीसी धर्मशाला के गौतम द्वितीय और पीजी सेंटर शिमला के आशिष कुमार तृतीय रहे।
पोस्टर मेकिंग में राजकीय महाविद्यालय सोलन के हर्ष कुमार प्रथम, जीसी रामपुर बुशहर की मोनिका द्वितीय तथा राजकीय कन्या महाविद्यालय की मुस्कान तृतीय रहीं।
रंगोली प्रतियोगिता में पीजी सेंटर शिमला की खुशनुमा मलिक प्रथम, जवाहरलाल नेहरू राजकीय फाइन आर्ट्स कॉलेज, शिमला की राघव नाहर द्वितीय तथा राजकीय कन्या महाविद्यालय की रिया तृतीय रहीं।
वहीं कार्टूनिंग में एनएससीबीएम कॉलेज हमीरपुर के विशाल ने प्रथम, जवाहरलाल नेहरू राजकीय फाइन आर्ट्स कॉलेज, शिमला के अखिल ने द्वितीय तथा राजकीय कन्या महाविद्यालय की स्वाति ने तृतीय स्थान हासिल किया।
विद्यार्थियों की उपलब्धियों से कोटशेरा में उत्साह
युवा महोत्सव में वाग्मिता और कॉलाज मेकिंग में प्रथम स्थान तथा वाद-विवाद में तृतीय स्थान हासिल कर कोटशेरा महाविद्यालय ने प्रदेश स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रभावी प्रदर्शन किया। इन उपलब्धियों से महाविद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल रहा और विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा अभिभावकों ने विजेता प्रतिभागियों को बधाई दी।
समारोह के अंत में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. महावीर सिंह तथा अन्य गणमान्य अतिथियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ तीन दिवसीय युवा महोत्सव का समापन हुआ।