पीआईबी शिमला के 13 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने काबी टिंगदा बीएसी का किया दौरा
वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम और सिक्किम की विकास योजनाओं की ली जानकारी, ऐतिहासिक काबी लुंगचोक का भी किया भ्रमण
काबी टिंगदा, सितंबर: भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) शिमला के 13 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने सिक्किम के आधिकारिक अध्ययन एवं अनुभव यात्रा के तहत काबी टिंगदा ब्लॉक प्रशासनिक केंद्र (बीएसी) का दौरा किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं, ग्रामीण विकास कार्यक्रमों और सिक्किम की समृद्ध ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानकारी प्राप्त की।
बीएसी पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ), काबी तथा टिंगमो वार्ड के माननीय वार्ड पंचायत ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर अतिथियों को पारंपरिक खादा भेंट कर सम्मानित किया गया। प्रतिनिधिमंडल के स्वागत एवं परिचय कार्यक्रम में डिविजनल इंजीनियर (काबी), सहायक निदेशक (पीआरआई), सहायक अभियंता (रोड्स) तथा सहायक वन संरक्षक (सामाजिक वानिकी) सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
औपचारिक संवाद के दौरान डिविजनल इंजीनियर, काबी टिंगदा बीएसी श्री सोनम पिंटसो ने वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के तहत क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों तथा उनकी वर्तमान स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को सिक्किम के समृद्ध इतिहास और विकास की प्रक्रिया से भी अवगत कराया।
वहीं, बीडीओ काबी टिंगदा ने मीडिया प्रतिनिधियों को सिक्किम सरकार की प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं, ग्रामीण विकास से जुड़ी पहलों तथा जनकल्याणकारी नीतियों की जानकारी दी। इस दौरान विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में किए जा रहे विकास कार्यों और स्थानीय स्तर पर उनके प्रभाव के संबंध में भी जानकारी साझा की गई।
कार्यक्रम के दौरान हिमाचल प्रदेश और सिक्किम के बीच सांस्कृतिक सौहार्द का सुंदर उदाहरण भी देखने को मिला। सद्भावना एवं आपसी मैत्री के प्रतीक के रूप में पीआईबी शिमला के सहायक निदेशक ने बीडीओ काबी को पारंपरिक हिमाचली टोपी और मफलर भेंट किया।
प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संवाद और विकास योजनाओं की जानकारी लेने के बाद 13 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने ऐतिहासिक काबी लुंगचोक का भी भ्रमण किया। यहां प्रतिनिधिमंडल ने सिक्किम की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को करीब से समझा। काबी लुंगचोक विशेष रूप से लेपचा और भूटिया समुदायों के बीच 13वीं शताब्दी में हुए ऐतिहासिक रक्त-बंधुत्व समझौते के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रतिनिधिमंडल ने इस ऐतिहासिक स्थल की जानकारी प्राप्त करते हुए सिक्किम की सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं को प्रत्यक्ष रूप से जाना।