टेमी टी बागान पहुंचा पीआईबी शिमला का 13 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल, चाय उत्पादन की पूरी प्रक्रिया का लिया जायजा
ऑर्गेनिक चाय उत्पादन से लेकर आधुनिक उत्पादों और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक की योजनाओं से कराया गया अवगत
सिक्किम। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) शिमला द्वारा आयोजित अध्ययन एवं अनुभव यात्रा के तहत शिमला से पहुंचे 13 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने आज टेमी-टी बागान एवं कारखाने का दौरा किया। इस दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने टेमी चाय के उत्पादन, प्रसंस्करण और गुणवत्ता नियंत्रण की संपूर्ण प्रक्रिया को करीब से देखा और चाय की पत्तियों से लेकर अंतिम उत्पाद तैयार होने तक के विभिन्न चरणों की जानकारी प्राप्त की।
प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि टेमी चाय देश की एकमात्र प्रमाणित ऑर्गेनिक सरकार-संचालित चाय है। वरिष्ठ अधिकारियों ने मीडिया प्रतिनिधियों को चाय की खेती, कच्ची चाय पत्तियों के संग्रहण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और गुणवत्ता नियंत्रण सहित उत्पादन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने कारखाने में चाय उत्पादन की तकनीकी प्रक्रिया को समझने के साथ-साथ टेमी चाय की विशिष्टता और इसकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अपनाए जा रहे उपायों का भी अवलोकन किया।
मीडिया प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत के दौरान टेमी टी की प्रबंध निदेशक सुश्री राधा प्रधान ने गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने टेमी टी के विस्तार और ब्रांड के विकास की भावी योजनाओं की रूपरेखा साझा करते हुए कहा कि बदलते बाजार और उपभोक्ताओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए टेमी टी लगातार नए अवसर तलाश रहा है।
सुश्री राधा प्रधान ने कहा कि विशेष रूप से जेन-जी और जेन-अल्फा की बदलती उपभोक्ता पसंद को ध्यान में रखते हुए नए और नवोन्मेषी उत्पाद विकसित करने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। युवाओं के बीच टेमी टी की पहुंच और लोकप्रियता बढ़ाने के उद्देश्य से बोबा-टी तथा रेडी-टू-ड्रिंक प्री-मिक्स ऑर्गेनिक टी जैसे नए उत्पादों पर भी विचार किया जा रहा है। इन उत्पादों के माध्यम से पारंपरिक ऑर्गेनिक चाय को नई पीढ़ी की पसंद और आधुनिक बाजार की जरूरतों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि टेमी टी को अधिक व्यापक बाजार तक पहुंचाने के लिए एक लचीला फ्रेंचाइजी मॉडल भी विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रांड की उपस्थिति को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। जापान, जर्मनी, संयुक्त राज्य अमेरिका और कोरिया सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बाजारों में टेमी टी की पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता पर उन्होंने जोर दिया और कहा कि इस दिशा में आवश्यक पहल की जा रही है।
प्रबंध निदेशक ने आने वाले वर्षों में ऑर्गेनिक चाय के लिए एक विशिष्ट और मजबूत बाजार विकसित करने की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के बीच जैविक और टिकाऊ उत्पादों के प्रति बढ़ती रुचि को देखते हुए ऑर्गेनिक चाय के लिए व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं और टेमी टी इन संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए लगातार नई रणनीतियों पर काम कर रहा है।
स्वच्छ और अधिक टिकाऊ उत्पादन की दिशा में उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि टेमी टी ने अपने उत्पादन ईंधन को एलपीजी में परिवर्तित कर दिया है। इससे उत्पादन प्रक्रिया को अधिक स्वच्छ और टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने टेमी टी बागान और कारखाने के दौरे के दौरान न केवल चाय उत्पादन की पारंपरिक एवं आधुनिक तकनीकों को समझा, बल्कि ऑर्गेनिक खेती, गुणवत्ता, नवाचार और वैश्विक बाजार में भारतीय चाय की संभावनाओं के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।