विधायक नन्द लाल के निधन से प्रदेश ने खोया कर्तव्यनिष्ठ एवं अनुभवी नेता : पठानियां
शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने रामपुर के विधायक नन्द लाल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। विधायक नन्द लाल पिछले लंबे समय से बीमार चल रहे थे। अपने शोक संदेश में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि नन्द लाल एक कद्दावर एवं अनुभवी नेता थे, जिन्होंने प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई।
उन्होंने कहा कि नन्द लाल वर्ष 2007 में पहली बार रामपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे और वह कुल चार बार विधानसभा सदस्य रहे। स्वर्गीय नन्द लाल ने वर्ष 2013 में मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने विधानसभा की विभिन्न समितियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वह अधीनस्थ विधान समिति और विशेषाधिकार समिति के सदस्य रहे। वर्ष 2018 से 2022 के दौरान उन्होंने कल्याण एवं ग्रामीण नियोजन समितियों के सदस्य के रूप में भी कार्य किया। दिसंबर, 2022 में चौथी बार विधायक चुने जाने के बाद उन्हें विधानसभा की कल्याण समिति का अध्यक्ष बनाया गया। मार्च, 2024 में वह प्रदेश सरकार के सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नियुक्त किए गए। इस दौरान उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी प्रदान किया गया।
पठानियां ने कहा कि नन्द लाल का रामपुर विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से राजनीतिक प्रभाव रहा है। सुरक्षा बल में सेवाओं से अपने सफर की शुरुआत कर विधानसभा सदस्य और राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष तक पहुंचने की उनकी यात्रा प्रदेश की राजनीति में एक अलग पहचान रखती है। वह गरीब एवं असहाय लोगों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहते थे। राजनीति, प्रशासन और समाज सेवा के बीच संतुलन बनाए रखना उनकी विशेषता थी।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश ने नन्द लाल के रूप में एक होनहार, अनुभवी एवं कर्तव्यनिष्ठ नेता खो दिया है। उनके निधन से उत्पन्न हुई रिक्तता की भरपाई करना असंभव है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।