गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग, शिमला में गो सम्मान आह्वान अभियान की सुगोष्ठी आयोजित
अब तक 20 करोड़ से अधिक हस्ताक्षर जुटाने का दावा, 51 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित; 17 दिसंबर को शिमला में राज्यस्तरीय ज्ञापन कार्यक्रम
शिमला, भारत में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर संचालित राष्ट्रव्यापी ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत शनिवार को श्रीराम मंदिर, ओल्ड बस स्टैंड के समीप शिमला में सुगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें अभियान से जुड़े संतों, पदाधिकारियों, गौसेवकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। सुगोष्ठी में गोहत्या निषेध के लिए प्रभावी केंद्रीय कानून बनाने और गोमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान प्रदान करने की मांग को लेकर जनजागरण अभियान को और व्यापक बनाने पर जोर दिया गया।
राजस्थान से पहुंचे स्वामी गोपालानंद सरस्वती और वृंदावन से आए गोपेश बाबा महाराज ने अभियान की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 20 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षर एकत्र किए जा चुके हैं। अभियान के वर्तमान चरण में 51 करोड़ हस्ताक्षर जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि जनहस्ताक्षर और जनसहभागिता के माध्यम से अभियान की मांगों को व्यापक जनसमर्थन के साथ सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
17 दिसंबर को शिमला में राज्यस्तरीय ज्ञापन कार्यक्रम
अभियान के तीसरे चरण के अंतर्गत 17 दिसंबर 2026 को शिमला में राज्यस्तरीय ज्ञापन कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों के नागरिकों की सहभागिता से गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने सहित अभियान की प्रमुख मांगों को सरकार के समक्ष रखने की योजना है। सुगोष्ठी में उपस्थित लोगों से कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर गांव-गांव में जनसंपर्क अभियान चलाने, हस्ताक्षर एकत्र करने और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का आह्वान किया गया।
‘वोट फॉर गौ माता’ के माध्यम से डिजिटल हस्ताक्षर की अपील
अभियान के तहत ‘वोट फॉर गौ माता’ नाम से डिजिटल जनसहभागिता की पहल भी शुरू की गई है। इसके माध्यम से नागरिक गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग के समर्थन में अपने डिजिटल हस्ताक्षर दर्ज कर सकते हैं। आयोजकों ने नागरिकों से वेबसाइट www.gausamman.cloud पर जाकर इस पहल में भाग लेने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जनसहभागिता के लिए शुरू की गई पहल है, न कि सरकार या निर्वाचन आयोग की ओर से आयोजित कोई आधिकारिक मतदान प्रक्रिया।
मिस्ड कॉल से भी जुड़ सकेंगे नागरिक
‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ से जुड़ने के लिए 9067777323 नंबर पर मिस्ड कॉल देने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। आयोजकों ने लोगों से अभियान की जानकारी अपने परिवार, मित्रों और परिचितों तक पहुंचाने का आग्रह किया, ताकि गोहत्या निषेध की मांग को लेकर अधिक से अधिक नागरिक अपनी सहभागिता दर्ज करा सकें।
गोचर भूमि को अतिक्रमणमुक्त करने और केंद्रीय गो मंत्रालय की भी मांग
अभियान के अंतर्गत गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए प्रभावी केंद्रीय कानून बनाने, गोमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान देने, केंद्रीय गो मंत्रालय स्थापित करने, गोचर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने और राष्ट्रीय गोचारा नीति बनाने जैसी मांगें उठाई जा रही हैं। इसके अतिरिक्त कृषि, चिकित्सा और पर्यावरण सहित विभिन्न क्षेत्रों में गो-केंद्रित व्यवस्थाओं को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। अभियान के माध्यम से इन मांगों के समर्थन में देशभर में जनजागरण, जनहस्ताक्षर और जनसहभागिता के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, इन मांगों को शांतिपूर्ण, अहिंसक और लोकतांत्रिक माध्यमों से सरकार तक पहुंचाना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
सुगोष्ठी में स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज, श्री गोपेश कृष्ण दास जी महाराज, सुशांत मुनि जी महाराज, अमृतानंद जी महाराज, संजय दास जी महाराज, स्वामी धीरानंद जी महाराज, आचार्य रामेश्वर दत्त जी महाराज, अनिल भारद्वाज, श्रीकांतानन्द जी महाराज और सुनीता दीदी सहित अनेक गौसेवक, कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।