नाहन में छात्रों और यात्रियों का सफर होगा सुरक्षित, कॉलेज तक बनेगा 5 किलोमीटर लंबा पैदल पथ
विधायक अजय सोलंकी ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ किया सड़क का निरीक्षण, फुटपाथ, ब्लैक स्पॉट सुधार और सुरक्षित बस स्टॉपेज बनाने की योजना
नाहन। शहर में नागरिकों और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क अवसंरचना को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ी पहल शुरू की गई है। नाहन के विधायक अजय सोलंकी ने नगर परिषद अध्यक्ष उपमा धीमान, एसडीएम राजीव संख्यान सहित संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर सड़क का निरीक्षण किया। योजना के तहत बिरोजा फैक्ट्री से डॉ. वाईएस परमार राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय तथा नीचे गोविंदगढ़ तक लगभग पांच किलोमीटर लंबे मुख्य मार्ग पर पैदल पथ (फुटपाथ), ब्लैक स्पॉट्स में सुधार और सुरक्षित बस स्टॉपेज विकसित किए जाएंगे।
इस योजना को जल्द धरातल पर उतारने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों, एसडीएम, राजस्व विभाग और स्थानीय पटवारियों की संयुक्त टीम ने पूरे मार्ग का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान मार्ग पर यातायात के दबाव वाले प्रमुख स्थानों, पैदल यात्रियों की सुरक्षा तथा उपलब्ध भूमि की स्थिति का विस्तृत आकलन किया गया।
शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े इस व्यस्त मार्ग पर रोजाना बड़ी संख्या में विद्यार्थी, कर्मचारी और आम नागरिक आवागमन करते हैं। ऐसे में यातायात के बढ़ते दबाव के साथ पैदल यात्रियों की सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण विषय बनी हुई है। विधायक अजय सोलंकी ने कहा कि शिमला और सोलन की तर्ज पर नाहन में भी समर्पित पेडेस्ट्रियन पथ विकसित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों और आम राहगीरों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
इसके अलावा नियमित यात्रियों की सुविधा को देखते हुए मार्ग पर व्यवस्थित बस स्टॉपेज भी चिन्हित किए जा रहे हैं। इन बस स्टॉपेज के विकसित होने से बसों के मुख्य सड़क पर रुकने से पैदा होने वाले यातायात दबाव और जाम की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
विधायक अजय सोलंकी ने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े इस व्यापक प्रोजेक्ट के लिए विस्तृत डीपीआर तैयार की जा रही है। डीपीआर को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को बजट आवंटन और अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य नाहन शहर में आवागमन को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना है।
इसके साथ ही लगभग दो किलोमीटर के दायरे में नगर परिषद की 12.5 बीघा भूमि भी चिन्हित की गई है। इस भूमि का उपयोग शहर में जनसुविधाओं के विस्तार तथा अतिक्रमण हटाने से संबंधित कार्यों के लिए किया जाएगा। इससे भविष्य में शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और नागरिकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी।