लूहरी जल विद्युत परियोजना चरण-I में ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान का भव्य समापन
गांधी जयंती एवं स्वच्छ भारत दिवस पर स्वच्छता स्वयंसेवियों को किया सम्मानित, ‘वेस्ट टू वेल्थ–कबाड़ से जुगाड़’ प्रतियोगिता में दिखी सृजनात्मकता
लूहरी, अक्तूबर। विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार एवं निगम मुख्यालय के निर्देशानुसार लूहरी जल विद्युत परियोजना चरण-I द्वारा दिनांक 17 सितम्बर से 02 अक्तूबर 2026 तक आयोजित किए गए “स्वच्छता ही सेवा (SHS)-2026” अभियान का आज गांधी जयंती एवं स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर समापन किया गया। अभियान के दौरान स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने, जनभागीदारी सुनिश्चित करने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, अपशिष्ट प्रबंधन तथा पर्यावरण संरक्षण को लेकर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।
समापन समारोह के अवसर पर लूहरी जल विद्युत परियोजना चरण-I के परियोजना प्रमुख ई. जसवंत सिंह कपूर ने अभियान के दौरान सक्रिय एवं समर्पित रूप से योगदान देने वाले स्वच्छता स्वयंसेवियों को सम्मानित किया। उन्होंने स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में स्वच्छता स्वयंसेवियों के साथ-साथ परियोजना की पूरी टीम द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के प्रति सामूहिक भागीदारी ही किसी भी अभियान को प्रभावी एवं स्थायी रूप प्रदान करती है।
अभियान के अंतर्गत परियोजना में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए “वेस्ट टू वेल्थ–कबाड़ से जुगाड़” प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने घरेलू एवं अनुपयोगी अपशिष्ट सामग्री का रचनात्मक और उपयोगी वस्तुओं में रूपांतरण कर अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों द्वारा बेकार समझी जाने वाली सामग्री को उपयोगी एवं आकर्षक वस्तुओं में परिवर्तित करने के प्रयासों ने अपशिष्ट के बेहतर प्रबंधन और पुनः उपयोग की संभावनाओं को भी प्रदर्शित किया।
परियोजना प्रमुख एवं उपस्थित विभागाध्यक्षों ने प्रतियोगिता में प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत रचनात्मक कार्यों की सराहना की। प्रतियोगिता के विजेताओं के साथ-साथ सभी प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया गया। इस पहल के माध्यम से परियोजना परिसर में कार्यरत कर्मचारियों को अपशिष्ट के रचनात्मक पुनः उपयोग तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर परियोजना प्रमुख ई. जसवंत सिंह कपूर ने कहा कि महात्मा गांधी जी ने राजनीतिक स्वच्छता के साथ-साथ व्यक्तिगत स्वच्छता पर भी विशेष बल दिया और स्वच्छता को स्वस्थ एवं सशक्त समाज की आधारशिला माना। उन्होंने परियोजना की पूरी टीम एवं उपस्थित स्वच्छता स्वयंसेवियों का आह्वान करते हुए कहा कि स्वच्छता को केवल किसी पखवाड़े अथवा अभियान तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे अपने स्वभाव, संस्कार एवं जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। यदि हम अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता, कचरे के उचित निस्तारण, प्लास्टिक के कम उपयोग तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे प्रयासों को अपनाएं, तो स्वच्छता के संकल्प को निरंतर आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों और व्यक्तिगत जिम्मेदारी के माध्यम से स्वच्छता को एक सतत जन-अभियान का रूप दिया जा सकता है।
समापन समारोह में परियोजना के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं कर्मचारी तथा स्वच्छता स्वयंसेवी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता के प्रति निरंतर जागरूकता, जनभागीदारी और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।