*हिमाचल प्रदेश के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने सिक्किम में कृषि अनुसंधान, सुशासन एवं जैव-विविधता की पहलों का लिया जायजा*
*मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने आईसीएआर (ICAR) गंगटोक, सिक्किम के राज्यपाल एवं ऑर्किडेरियम का किया दौरा*
गंगटोक, 12 सितंबर : हिमाचल प्रदेश के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने आज सिक्किम के विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थानों एवं स्थलों का दौरा कर कृषि अनुसंधान, सुशासन, पर्यावरण संरक्षण, जैव-विविधता एवं पर्यटन से जुड़ी पहलों की जानकारी प्राप्त की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पत्र सूचना कार्यालय, शिमला के सहायक निदेशक श्री संजीव कुमार शर्मा (आईआईएस) ने किया। यह भ्रमण भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पत्र सूचना कार्यालय द्वारा आयोजित अध्ययन एवं अनुभवात्मक भ्रमण के तहत किया जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने सबसे पहले भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), गंगटोक का दौरा किया। आईसीएआर के प्रमुख श्री अशोक कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को संस्थान की कार्यप्रणाली तथा पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि अनुसंधान, टिकाऊ कृषि, फसल विविधीकरण और किसानों के हित में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने आईसीएआर के प्रायोगिक कृषि क्षेत्रों का भी भ्रमण किया और वहां किए जा रहे कृषि अनुसंधान एवं फसल संबंधी प्रयोगों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने लोक भवन में सिक्किम के राज्यपाल श्री ओम प्रकाश माथुर से शिष्टाचार भेंट की। राज्यपाल ने सिक्किम की सांस्कृतिक विरासत, शासन व्यवस्था, विकास पहलों, पर्यावरण संरक्षण एवं पर्यटन की संभावनाओं पर विचार साझा किए।
राज्यपाल ने सिक्किम के रणनीतिक महत्व एवं अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का उल्लेख करते हुए चीन से लगी सीमा पर स्थित नाथू ला दर्रे के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 11 सितंबर को नाथू ला विजय दिवस मनाया जाता है तथा वर्ष 1967 में नाथू ला और चो ला दर्रों पर चीनी घुसपैठ का मुकाबला करने में मेजर जनरल सगत सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बैठक के दौरान सिक्किम और हिमाचल प्रदेश के बीच पर्यटन एवं संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। राज्यपाल ने सिक्किम को स्वच्छता, प्लास्टिक-मुक्त वातावरण, बेहतर यातायात प्रबंधन तथा महिलाओं के विरुद्ध कम अपराध दर के संदर्भ में एक आदर्श राज्य बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे अध्ययन भ्रमणों से मीडिया प्रतिनिधियों को जमीनी स्तर पर लागू विकास योजनाओं एवं पहलों को समझने का अवसर मिलता है।
शाम को प्रतिनिधिमंडल ने गंगटोक स्थित ऑर्किडेरियम का दौरा किया। यहां प्रतिनिधिमंडल ने सिक्किम की समृद्ध ऑर्किड जैव-विविधता एवं हिमालयी वनस्पतियों के संरक्षण और संवर्धन से जुड़े प्रयासों का अवलोकन किया। प्रतिनिधिमंडल ने प्राकृतिक विरासत के संरक्षण तथा पर्यावरण एवं पर्यटन के बीच संतुलन स्थापित करने के सिक्किम के प्रयासों की सराहना की।
इस अध्ययन भ्रमण के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के मीडिया प्रतिनिधियों को सिक्किम की कृषि, संस्कृति, सुशासन, पर्यावरण, जैव-विविधता एवं पर्यटन से जुड़ी पहलों को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिल रहा है।