68 निर्वाचन क्षेत्रों में बंटा है हिमाचल प्रदेश: कुलदीप सिंह पठानियां
शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के राजनीतिक विभाग के छात्र-छात्राओं से संवाद किया। दोपहर 1:15 बजे विधानसभा पहुंचे विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पठानियां ने कहा कि हिमाचल प्रदेश 1972 और 2007 के परिसीमन के तहत कुल 68 निर्वाचन क्षेत्रों में विभाजित है। इनमें सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटें भी शामिल हैं।
संवाद के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने विद्यार्थियों से सवाल किया कि विधानसभा क्या है और इसका क्या कार्य है। विद्यार्थियों ने जवाब देते हुए कहा कि विधानसभा चुने हुए जनप्रतिनिधियों का सदन है और इसे कानून बनाने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है।
पठानियां ने कहा कि जिस राजनीतिक दल के पास आवश्यक बहुमत होता है, वह सरकार का गठन करता है और उसका नेतृत्व मुख्यमंत्री करते हैं। मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल का गठन करते हैं, जिसकी हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम संख्या 12 निर्धारित है। उन्होंने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव निर्वाचित विधायक करते हैं।
उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सामंजस्य स्थापित करते हुए सदन की कार्यवाही को निष्पक्ष, व्यवस्थित और नियमों के अनुरूप संचालित करते हैं। अध्यक्ष सदन की कार्यसूची और बहस को निर्धारित नियमों के अनुसार आगे बढ़ाते हैं तथा सदस्यों को बोलने की अनुमति देते हैं। सदन में अनुशासनहीनता की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई करने का अधिकार भी अध्यक्ष के पास होता है।
पठानियां ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष सदन की गरिमा और मर्यादा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संवाद के बाद उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए आमंत्रित किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।