‘दिमागी नक्सलवाद’ को खाद-पानी देने वाली कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति बेनकाब : सांसद प्रो. डॉ. सिकंदर कुमार
शिमला, 21 अगस्त। हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद प्रोफेसर (डॉ.) सिकंदर कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले की प्राचीर से ‘दिमागी नक्सलवाद’ (अर्बन नक्सल) के खिलाफ दिए गए कड़े संदेश का समर्थन किया है। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति के जरिए इस वैचारिक नेटवर्क को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला।
सांसद ने कहा कि हालिया खुलासों से स्पष्ट हुआ है कि नक्सलवाद केवल जंगलों तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरों में बौद्धिक मुखौटे के पीछे भी ऐसे नेटवर्क सक्रिय हैं, जो विदेशी फंडिंग और कथित ‘डीप स्टेट’ के इशारे पर न्यायपालिका, सुरक्षाबलों और संविधान के खिलाफ षड्यंत्र रचते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने राजनीतिक स्वार्थ और वोट बैंक की राजनीति के चलते शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्थाओं में वैचारिक अलगाववाद को पनपने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि जब सुरक्षा एजेंसियों ने ऐसे नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की, तब कांग्रेस ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर उनका बचाव किया।
डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अपनाई गई ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति, सुशासन, विकास तथा युवाओं को नवाचार और कौशल विकास से जोड़ने की दिशा में किए गए प्रयासों से नक्सलवाद के आर्थिक और वैचारिक आधार कमजोर हुए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस का कथित दोहरा चरित्र अब जनता के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुका है।