पशु चिकित्सा अधिकारियों ने ACPS और NPA बहाल करने की उठाई मांग
किन्नौर। हिमाचल प्रदेश वेटरिनरी ऑफिसर्स एसोसिएशन ने वर्ष 2022 में राज्य के पशु चिकित्सा अधिकारियों के लिए एसीपीएस (ACPS) एवं एनपीए (NPA) बंद किए जाने के निर्णय की पुनर्समीक्षा की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि इस निर्णय से पशु चिकित्सा अधिकारियों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ करियर प्रगति और सेवा संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इसी मांग को लेकर हिमाचल प्रदेश वेटरिनरी ऑफिसर्स एसोसिएशन के जिला सचिव डॉ. विजेंद्र नेगी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बागवानी एवं राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में डॉ. बी.सी. चौहान, डॉ. श्याम और डॉ. प्रतीक भी मौजूद रहे।
डॉ. विजेंद्र नेगी ने मंत्री को अवगत करवाया कि प्रदेश के पशु चिकित्सा अधिकारी दुर्गम एवं कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सेवाएं दे रहे हैं। वे पशुधन स्वास्थ्य, संक्रामक रोगों की रोकथाम, पशु प्रजनन तथा पशुपालकों को तकनीकी सेवाएं उपलब्ध करवाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
एसोसिएशन के अनुसार, ACPS और NPA बंद होने से आर्थिक नुकसान के साथ करियर में ठहराव और कर्मचारियों के मनोबल पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। ऐसे में पशु चिकित्सा अधिकारियों के हित में इस निर्णय की शीघ्र पुनर्समीक्षा आवश्यक है।
मंत्री जगत सिंह नेगी ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि इस विषय को उचित स्तर पर राज्य सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि पशु चिकित्सा अधिकारियों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए ACPS एवं NPA को पुनर्बहाल करने की दिशा में सकारात्मक निर्णय लिया जाए। एसोसिएशन का कहना है कि इससे अधिकारियों का मनोबल और कार्यप्रेरणा बढ़ेगी तथा प्रदेश में पशुपालकों और पशुधन को बेहतर पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने में भी मदद मिलेगी।