घणाहट्टी में आयुष हॉस्पिटल का निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर सम्पन्न, 51 लोगों ने लिया लाभ
शिमला, 26 जुलाई 2026। घणाहट्टी में आयुष हॉस्पिटल, न्यू टूटू (शिमला) द्वारा आयोजित विशाल निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य एवं रोग जांच शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ घणाहट्टी पंचायत के प्रधान रोशन लाल ठाकुर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान क्षेत्र के 51 लोगों ने स्वास्थ्य जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
शिविर में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, थायरॉइड, अस्थमा, मोटापा, गठिया, कमर व गर्दन दर्द, चिंता, अवसाद, पाचन संबंधी समस्याओं सहित महिलाओं और बुजुर्गों की विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं की जांच की गई। मरीजों का ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन, बीएमआई, आंखों और दांतों की जांच समेत सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण निःशुल्क किया गया। साथ ही स्वस्थ जीवनशैली, योग, नियमित व्यायाम और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व की जानकारी भी दी गई।
शिविर में वरिष्ठ आयुर्वेद एवं पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ. के.के. शर्मा ने मरीजों की जांच कर उन्हें आयुर्वेदिक उपचार, पंचकर्म, संतुलित आहार और जीवनशैली में सुधार को लेकर व्यक्तिगत परामर्श दिया। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद रोगों के उपचार के साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करता है।
आयुष हॉस्पिटल की ओर से 70 से अधिक स्वास्थ्य जांचों वाले विशेष ब्लड सैंपल हेल्थ पैकेज को ₹599 की रियायती दर पर उपलब्ध कराया गया, जिसकी सामान्य कीमत लगभग ₹2500 बताई गई। इस सुविधा का भी लोगों ने लाभ उठाया।
घणाहट्टी पंचायत के प्रधान रोशन लाल ठाकुर ने ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों को जनहितकारी पहल बताते हुए इन्हें प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को आयोजित करने का सुझाव दिया। उनके सुझाव का स्वागत करते हुए दिव्ययोग रिसर्च फाउंडेशन ट्रस्ट एवं आयुष हॉस्पिटल के संस्थापक एवं अध्यक्ष विजय कुमार सूद ने घोषणा की कि अगस्त 2026 से प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को आम जनता के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
आयुष हॉस्पिटल प्रबंधन ने बताया कि भविष्य में भी हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण और दूर-दराज़ क्षेत्रों में ऐसे जनकल्याणकारी स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि जरूरतमंद लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उनके क्षेत्र में ही उपलब्ध कराई जा सकें। अस्पताल प्रबंधन ने सभी स्थानीय लोगों, पंचायत प्रतिनिधियों, चिकित्सकों, स्वयंसेवकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।