शिमला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: नशा तस्करी से अर्जित ₹17 लाख की अवैध संपत्ति जब्त
शिमला: जिला पुलिस शिमला ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस थाना रोहड़ू में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में वित्तीय अन्वेषण (फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन) के आधार पर लगभग 17 लाख रुपये मूल्य की अवैध संपत्ति को जब्त (फ्रीज) किया गया है।
जानकारी के अनुसार, 2 फरवरी 2026 को महेन्दली पुल के समीप पंजाब निवासी जशनदीप सिंह और धर्मप्रीत सिंह के कब्जे से उनकी टैक्सी में 83 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। इस मामले में वाहन को भी मौके पर जब्त किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने नशा तस्करी से जुड़े बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज स्थापित करते हुए अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनके खिलाफ चालान माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है।
वित्तीय जांच के दौरान यह सामने आया कि पूर्व में गिरफ्तार आरोपी शुभम दरकाल, निवासी चिड़गांव ने नशा तस्करी से अर्जित अवैध आय से एक लक्जरी वाहन खरीदा था। इसके अलावा मामले में बरामद नकद राशि को भी नशा कारोबार से अर्जित आय पाया गया। इसके आधार पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत करीब 17 लाख रुपये की अवैध संपत्ति को फ्रीज करने के आदेश जारी किए गए हैं।
जिला पुलिस शिमला के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक वित्तीय अन्वेषण के आधार पर सात मामलों में 25 आरोपियों की कुल 4.29 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। यह कार्रवाई पूरे हिमाचल प्रदेश में किसी भी जिला पुलिस द्वारा इस वर्ष की सबसे बड़ी संपत्ति जब्ती की कार्रवाई है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 और 2025 में जिला शिमला में वित्तीय अन्वेषण के आधार पर अवैध संपत्तियों की कोई जब्ती नहीं हुई थी, जबकि अब मिशन मोड में कार्रवाई करते हुए नशे के आर्थिक तंत्र को ध्वस्त करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
जिला पुलिस शिमला ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नशा तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों की पहचान कर उन्हें भी कानून के तहत जब्त किया जाएगा, ताकि नशे के कारोबार की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके।