दिल्ली हादसे के बाद पांवटा सिविल अस्पताल में नाथूराम चौहान की टांग का सफल ऑपरेशन
डेढ़ से पौने दो घंटे चला जटिल ऑपरेशन, डॉक्टर नवीन व पूरी टीम का जताया आभार; बोले—लोगों की दुआओं ने किया चमत्कार
पांवटा साहिब। दिल्ली में हुए सड़क हादसे के बाद पांवटा सिविल अस्पताल में उपचाराधीन समाजसेवी एवं पर्यावरणविद् नाथूराम चौहान की टांग का जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। करीब डेढ़ से पौने दो घंटे तक चले इस ऑपरेशन के बाद नाथूराम चौहान की हालत अब स्थिर है और वह लगातार स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। चोट अधिक गहरी होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें लंबे समय तक आराम करने की सलाह दी है, हालांकि फिलहाल किसी तरह का अन्य जोखिम नहीं बताया गया है।
स्वास्थ्य लाभ के दौरान नाथूराम चौहान ने ऑपरेशन करने वाले चिकित्सकों, अस्पताल प्रबंधन, पुलिस स्टाफ और उनके शीघ्र स्वस्थ होने के लिए लगातार दुआ एवं प्रार्थना करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से डॉक्टर नवीन और उनकी पूरी टीम का धन्यवाद करते हुए कहा कि इतने जटिल ऑपरेशन को सफलता के साथ पूरा करने में चिकित्सकों की मेहनत, अनुभव और समर्पण महत्वपूर्ण रहा।
नाथूराम चौहान ने भावुक होते हुए कहा कि उनके लिए डॉक्टर देवतुल्य हैं और उन्होंने जिस तरह से उनकी जान बचाने और उपचार में प्रयास किए, उसके लिए वह जीवनभर उनके आभारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि लोगों की दुआओं और प्रार्थनाओं में बहुत बड़ी शक्ति होती है। शायद यही वजह है कि दिल्ली में हुए हादसे के बाद उनकी जान बची और इसके बाद टांग का इतना जटिल ऑपरेशन भी सफल रहा।
उन्होंने कहा कि “लोगों की दुआ के बिना शायद दवा भी पूरी तरह काम नहीं करती। मेरे लिए लोगों की प्रार्थनाओं और शुभकामनाओं ने चमत्कार किया है।” उन्होंने कहा कि हादसे के बाद से लगातार विभिन्न संस्थाओं, संगठनों और अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोगों के साथ-साथ कई उच्च अधिकारियों और उनके चाहने वालों का अस्पताल पहुंचकर हालचाल पूछने का सिलसिला जारी है। रोजाना बड़ी संख्या में लोगों के अस्पताल पहुंचने और उनके स्वास्थ्य के लिए शुभकामनाएं देने पर उन्होंने सभी का दिल से आभार जताया।
नाथूराम चौहान ने कहा कि हादसे के बाद उन्हें जिस तरह से लोगों का प्यार, स्नेह, आशीर्वाद और समर्थन मिला है, वह उनके लिए किसी बड़ी पूंजी से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके ऊपर समाज का एक ऐसा ऋण चढ़ गया है, जिसे पूरी तरह चुका पाना शायद संभव नहीं होगा। उन्होंने भावुक होकर कहा कि “मेरे ऊपर सामाजिक ऋण है, जिसे उतारना शायद नामुमकिन रहेगा। इस ऋण को चुकाने के लिए शायद एक जन्म भी पर्याप्त नहीं है। फिर भी नया जीवन मिलने के बाद मैं पूरी कोशिश और प्रयास करूंगा कि समाज ने मुझे जो दिया है, उसे अपनी सेवा और कार्यों के माध्यम से वापस लौटा सकूं।”
उन्होंने अपने सफल उपचार के लिए ऑपरेशन करने वाली पूरी चिकित्सकीय टीम, अस्पताल के सभी डॉक्टरों एवं कर्मचारियों, पुलिस स्टाफ, परिजनों, मित्रों, सामाजिक संस्थाओं, संगठनों, अधिकारियों और प्रदेशभर से उनके लिए दुआ एवं प्रार्थना करने वाले सभी लोगों का हृदय से धन्यवाद किया।
नाथूराम चौहान ने कहा कि इस कठिन समय में लोगों द्वारा जिस तरह उनके साथ खड़े होकर उनका हौसला बढ़ाया गया, उसे वह कभी नहीं भूल पाएंगे। उन्होंने कहा कि अभी उन्हें लंबा आराम करना पड़ेगा, लेकिन लोगों की दुआओं और चिकित्सकों के प्रयासों से वह दिन-प्रतिदिन बेहतर महसूस कर रहे हैं और जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर समाज के बीच लौटने की उम्मीद रखते हैं।